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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आठवें महीने में लकà¥à¤·à¤£ | 8 Mahine Ki Pregnancy
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के बढ़ने के कारण आठवें महीने में आपको कई अहम लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिलेंगे। इस दौरान, आपको नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£ नजर आ सकते हैं :
सांस लेने में तकलीफ : जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ता है, फेफड़े सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ लगते हैं। इस वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को सांस फूलने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है, लेकिन इस समसà¥à¤¯à¤¾ से आपको शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लेकर घबराना नहीं चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के जरिठशिशॠको गरà¥à¤ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिलती है, जिससे वह ठीक से सांस ले पाता है।
पीठदरà¥à¤¦ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पीठदरà¥à¤¦ का चोली-दामन का साथ है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ने के कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को अकà¥à¤¸à¤° पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूà¤à¤¤à¥‡ पाया जाता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से रिसाव : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से गाढ़ा और पीले रंग का सà¥à¤°à¤¾à¤µ निकलने लगता है, जिसे ‘कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤®â€™ कहते हैं। दिन में किसी à¤à¥€ समय यह रिसाव हो सकता है, जो सामानà¥à¤¯ होता है। जैसे-जैसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आता है यह रिसाव रंगहीन होने लगता है।
बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ : यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने से शà¥à¤°à¥‚ होती है और आठवें महीने में à¤à¥€ जारी रहती है। इसमें आपको गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियों में कसाव महसूस होगा। बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ 30 सेकंड से à¤à¤• मिनट तक हो सकता है।
बवासीर : कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को आठवें महीने में कबà¥à¤œ के कारण बवासीर हो जाती है। इसके अलावा, बढ़ते गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के कारण नीचे की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे बवासीर होने का खतरा बढ़ जाता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आठवें महीने में शरीर में होने वाले बदलाव | pregnancy ka 8 va mahina or badlav
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आठवें महीने में आपको नीचे बताठगठशारीरिक बदलाव दिखाई दे सकते हैं :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आठवें महीने तक शिशॠलगà¤à¤— पूरी तरह विकसित हो चà¥à¤•ा होता है। बढ़ते गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से जब मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ेगा, तो à¤à¤¸à¥‡ में आपको बार-बार पेशाब जाने की इचà¥à¤›à¤¾ महसूस हो सकती है।
रात में बार-बार पेशाब लगने के कारण उठने से आपको नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ने के कारण पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ के निशान नजर आ सकते हैं।
कà¥à¤› महिलाओं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर नसें उà¤à¤°à¥€ हà¥à¤ˆ नजर आती हैं, इसे ‘वेरिकोज वेन’ कहा जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आठवें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और आकार
इस महीने तक शिशॠका काफी हद तक विकास हो जाता है। इतना ही नहीं अब शिशॠबाहर की आवाजों पर किक मारकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देता है। अब वो हिचकियां à¤à¥€ ले सकता है। इसलिà¤, यही वो समय है जब आप बाहर से ही अपने बचà¥à¤šà¥‡ से बातें कर सकते हैं और उससे मधà¥à¤° रिशà¥à¤¤à¤¾ बना सकते हैं। जानिà¤, आठवें महीने तक शिशॠका गरà¥à¤ में कैसा विकास होता है :
शिशॠकी आंखें और पलकें पूरी तरह बन जाती हैं और वो अब आंखें खोल सकता है।
शिशॠके फेफड़े और अधिक विकसित हो जाते हैं।
इस महीने तक शिशॠके सिर पर बाल आ जाते हैं।
शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का तेजी से विकास इसी महीने से शà¥à¤°à¥‚ होता है। इस दौरान नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ तेजी से बढ़ते हैं।
अगर गरà¥à¤ में लड़का है, तो जननांग का बाहर की ओर विकास शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¤—ा, वहीं शिशॠलड़की है, तो योनि का विकास इस महीने तक हो जाता है।
इस महीने यानी 30वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक शिशॠकी लंबाई लगà¤à¤— 14 इंच हो जाती है और उसका वजन करीब 1133 गà¥à¤°à¤¾à¤® के आसपास हो सकता है (1)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आठवें महीने में देखà¤à¤¾à¤²
बेशक, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का आखिरी समय काफी नाज़à¥à¤• होता है, इसलिठइस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की खास देखà¤à¤¾à¤² होना जरूरी है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की जीवनशैली कैसी है, उसका खान-पान कैसा है, ये सब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और होने वाले शिशॠपर सीधा असर डालता है। à¤à¤¸à¥‡ में सही देखà¤à¤¾à¤² जरूरी है। जब बात आई है देखà¤à¤¾à¤² की, तो सबसे पहले सवाल आता है सही खान-पान का। बेहतर है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से डायट चारà¥à¤Ÿ बना लें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आठवें महीने में आहार- खाà¤à¤‚ ये चीजें
विटामिन और खनिज से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ : हालांकि, यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की आखिरी तिमाही है, इसलिठà¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जरूरी है, जिसमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र रूप से विटामिन और खनिज हों। आप आयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डिलीवरी के दौरान खून बहता है और खून की कमी न हो, इसलिठआपको आयरन का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठआप हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, नटà¥à¤¸ व डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ अपने खान-पान में शामिल कर सकती हैं।
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और वसा से यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ : इस दौरान कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और वसा से यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठबीनà¥à¤¸, मीट, टोफू, चिकन, दूध, अंडा, कम मरकरी वाली मछली, सोया दूध, आलू, शकरकंद व सूखे मेवे का सेवन करें।
फाइबरयà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के इस महीने में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना जरूरी है। इससे आपको कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत मिलती है। इसके लिठआप ओटà¥à¤¸, फल, गेहूं के आटे की बà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो व हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
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